सूर्य को प्रबल करने के उपाय :चाहिये सरकारी नोकरी तो करे उपाय

सूर्य को प्रबल करने के उपाय : सूर्य हे ग्रहों का राजा उपाय कीजिए ,रहीये कामयाब

सूर्य को जल देने के नियम : सूर्य को प्रबल करने के उपाय

सूर्य पूजा का अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है। सूर्य को प्रबल करने के उपाय  के तोर पे बहुत से नियम अपनाए जाते हे| सूर्य को जल किस दिन नहीं चढ़ाना चाहिए सूर्य के किरणों में छिपी ऊर्जा हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। सूर्य को जल देने से हम इस ऊर्जा का श्रापणाशी रूप से लाभ उठा सकते हैं।

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सूर्य को जल देने की प्रथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। यह एक अनूठा आदर्श है जो हमारे समृद्धि और सृष्टि से जुड़ा हुआ है। इस लेख में, हम जानेंगे कि सूर्य को जल कब देने चाहिए और इस प्रथा के पीछे छिपे वैज्ञानिक, धार्मिक, और सांस्कृतिक कारणों को समझेंगे।

सूर्य को प्रबल करने के उपाय
सूर्य को प्रबल करने के उपाय

सूर्य को जल चढ़ाने का सही तरीका : कब और क्यों देते हैं जल 

सूर्य को जल देने का समय और कारण विभिन्न हो सकते हैं। सामाजिक और धार्मिक अवसरों पर इस प्रथा को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके पीछे छिपे धार्मिकता और आध्यात्मिक तत्वों को समझना महत्वपूर्ण है।

सूर्य देवता को जल देने का प्रथम फायदा है कि यह एक धार्मिक क्रिया है जो हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण है। सूर्य देवता को जल देना एक पवित्र प्रक्रिया है जो साधक को आत्मा से जोड़ने में मदद करती है और उसे आध्यात्मिक सुन्दरता की अनुभूति कराती है।

दूसरा फायदा यह है कि सूर्य को जल देना एक प्राकृतिक उपाय है जिससे पृथ्वी को हित मिलता है। जल से बांधे गए कुंडों और तालाबों में सूर्य का जल देना प्राकृतिक समृद्धि को बढ़ावा देता है और वृक्षारोपण के लिए एक शुभ क्रिया माना जाता है।

तीसरा फायदा यह है कि सूर्य को जल देने से व्यक्ति को उच्च ऊर्जा का अनुभव होता है। सूर्य को पूजने से मन, शरीर, और आत्मा को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है जो दिनचर्या को सकारात्मकता से भर देती है।

इसके अलावा, सूर्य को जल देने से व्यक्ति की मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है, उसका मन प्रशान्त होता है और उसका जीवन सकारात्मकता से भरा रहता है। सूर्य पूजा और उसे जल देना मन, शरीर, और आत्मा को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है।

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सूर्य को जल किस दिन नहीं चढ़ाना चाहिए:

सूर्य को जल नहीं देना चाहिए जब व्यक्ति बाथरूम जा रहा हो या शौचालय का उपयोग कर रहा हो, क्योंकि इस समय शुद्धता बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। सूर्य को जल देना धार्मिक रूप से पवित्र माना जाता है, और इसे नापाक या अशुद्ध स्थानों में न जाकर उचित रखना चाहिए।

दूसरा, सूर्य को जल नहीं देना चाहिए जब व्यक्ति अपशकुन (शौकिनी) की स्थिति में हो, जैसे कि मृत्यु के समय या श्राद्ध के दिनों में। इस समय परंपरागत धार्मिक आदतों के अनुसार सूर्य को जल नहीं दिया जाता है।

तीसरा, सूर्य को जल नहीं देना चाहिए जब व्यक्ति अन्धकार (रात्रि) के समय हो, क्योंकि सूर्य पूजा और उसे जल देना दिन की शुरुआत में किया जाता है और रात्रि के समय यह क्रिया नहीं की जाती है।

इन अवस्थाओं में सूर्य को जल न देना हिन्दू धर्म में सामाजिक और धार्मिक आदतों का पालन करने का हिस्सा है।

सूर्य को प्रबल करने के उपाय
सूर्य को प्रबल करने के उपाय

सूर्य को जल देने के नियम : सूर्य को प्रबल करने के उपाय

जब आप कभी भी सोकर उठते हैं, तो रवि भगवान को जल नहीं चढ़ा सकते हैं। इसके बजाय, सूर्य को उदय होने के एक घंटे के अंदर अर्घ्य देना चाहिए, जो हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण पूजा रीति है। यह क्रिया सूर्य के उदय के समय मानी जाती है ताकि सूर्य देवता को समर्पित भाव से पूजा जा सके।

हालांकि, यदि आपको सुबह जल चढ़ाने की सुविधा नहीं है, तो आप सूचना के अनुसार सूर्य को सुबह तक जल चढ़ा सकते हैं। इसमें कोई अशुद्धि नहीं है, क्योंकि सूर्य को पूजन उसके उदय के समय को ध्यान में रखता है और भक्ति के साथ किया जाता है।

धर्मिक दृष्टिकोण से, सूर्य को जल देना एक आदर्श रीति है जो आत्मा को दिव्यता की ओर प्रवृत्ति करने में मदद कर सकती है। यह एक सांस्कृतिक परंपरा है जो जीवन को आध्यात्मिक और धार्मिक मूल्यों के साथ जीने की शिक्षा देती है।

इसलिए, जब भी संभावना हो, सूर्य को उदय होने के एक घंटे के अंदर अर्घ्य देना अच्छा है, लेकिन आपको व्यवस्था के अनुसार सुबह तक भी इस पूजा को कर सकते हैं।

सूर्य को जल देने के फायदे : सूर्य को प्रबल करने के उपाय

मान-सम्मान का बढ़ना

सूर्य को जल चढ़ाने से व्यक्ति का मान-सम्मान बढ़ता है। यह प्राचीन विधि हमें हमारे आस-पास के लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की सलाह देती है।

ऊर्जा का बढ़ना

सूर्य को जल चढ़ाने से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। यह हमें दिनचर्या के कार्यों को बेहतर ढंग से संपन्न करने में मदद करता है।

शुद्धता का अनुभव

सूर्य को जल चढ़ाने से शरीर, मन, और आत्मा शुद्ध हो जाती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। यह हमें एक शुद्ध और संतुलित जीवन जीने की दिशा में मार्गदर्शन करता है।

दैवीय शक्तियों का आशीर्वाद

सूर्य को जल चढ़ाने से व्यक्ति को समस्त दैवीय शक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह हमें अच्छे और सकारात्मक विचार करने की क्षमता प्रदान करता है।

ग्रहों का संतुलन

सूर्य को जल चढ़ाने से सूर्य के साथ-साथ सभी नौ ग्रह मज़बूत हो जाते हैं। यह हमें भाग्यशाली और समृद्ध जीवन की दिशा में मार्गदर्शन करता है।

समस्याओं का समाधान

सूर्य को जल चढ़ाने से जीवन की लगभग हर समस्या का समाधान किया जा सकता है। यह हमें आने वाली चुनौतियों को स्वागत करने की क्षमता प्रदान करता है।

सूर्य को जल चढ़ाने का मंत्र-

यह मंत्र सूर्य की पूजा और समर्पण के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, ये मंत्र शांति और आत्मिक उन्नति के लिए भी प्रयोग किए जा सकते हैं। प्रत्येक मंत्र की अपनी महत्ता और महत्व होती है, और उन्हें योग्य रूप से उच्चारित करना चाहिए। आपको इन मंत्रों का उच्चारण करते समय ध्यान और श्रद्धा से करना चाहिए।
सूर्य को जल देते समय ‘ॐ सूर्याय नमः‘ मंत्र का जाप करना चाहिए |

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