Shani Dev Ko Khush Kaise Kare : शनि देव को खुश करने के लिय करे आसान से उपाय

Shani Dev Ko Khush Kaise Kare : शनिदेव को जाने 

शनिदेव हे भाग्य विधाता | Shani Dev Ko Khush Kaise Kare इसके बारे मे इस ब्लॉग मे हम जानेंगे | हिंदू पौराणिक कथाओं और ज्योतिष के क्षेत्र में, शनि देव एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो न्याय, अनुशासन और मुक्ति के सिद्धांतों का प्रतीक हैं।

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हिंदू पौराणिक कथाओं की विशाल कथा में, शनि देव, शनि ग्रह के अवतार, भय और भय दोनों के प्रतीक के रूप में खड़े हैं। शनि देव को भगवान सूर्य, सूर्य देव और माता छाया की संतान माना जाता है। हालाँकि, अपने तेजस्वी पिता के विपरीत, शनि देव का चेहरा काला है, जो न्याय प्रदान करने वाले के रूप में उनकी भूमिका से जुड़ी तपस्या और गंभीरता का प्रतीक है। एक कौवे के ऊपर चढ़कर, वह ब्रह्मांडीय विस्तार में घूमता है| Shani Dev Ko Khush Kaise Kare

सभी ग्रहों मे शनिदेव ही ऐसे भगवान हे | जो सभी जीव जन्तु को अपने कर्मों के हिसाब से फल देते हे | शनिदेव आपको अपने कियो हुय पाप या पुण्य दोनों का फल इसी जन्म मे दे देते हे | इंसान एक बार को अपने माँ – बाप से न डरे , मगर शनिदेव का नाम सुनकर और उनके दिए हुय कर्मों का फल को सुनकर डर जाता हे | Shani Dev Ko Khush Kaise Kare

मतलब की एक बार को सभी देवी देवता आपकी गलतियों को माफ़ करदे | मगर शनिदेव उसके कियो हुय कर्मों का फल जरूर दे के मानेंगे | इसी विषय मे कुछ उपाय आपको बताए जाएंगे | क्युकी इंसान होके आपके कोई पाप न हो | ऐसा कम ही देखने को मिलता हे |

Shani Dev Ko Khush Kaise Kare
Shani Dev Ko Khush Kaise Kare

शनिदेव को खुश करने के 6 उपाय : Shani Dev Ko Khush Kaise Kare

शनिदेव हिंदू धर्म के एक महत्वपूर्ण देवता हैं। उनके उपासना और पूजन से मान्यता है कि वे अपने भक्तों के कष्टों को दूर करते हैं और उन्हें सुख-शांति प्रदान करते हैं। इस निबंध में, हम शनिदेव को खुश करने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार करेंगे और उनके महत्व को समझेंगे।

शनिदेव को खुश करने के लिए विभिन्न उपायों का पालन करना महत्वपूर्ण है। यह न केवल भक्त के उत्तम जीवन की प्राप्ति में मदद करता है, बल्कि उसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी समृद्धि प्रदान करता है|

मुख्य भाग: Shani Dev Ko Khush Kaise Kare

  1. दान-पुण्य करें: शनिदेव की प्रसन्नता के लिए दान एक महत्वपूर्ण उपाय है। गरीबों को भोजन, कपड़े, आदि देना उनके ध्येय की प्राप्ति में मदद कर सकता है।
  2. पूजा और मंत्र जाप: शनि यंत्र की पूजा और शनि मंत्र का जाप करने से भक्त शनिदेव के कष्टों को कम कर सकते हैं और उनके जीवन में सुख-शांति का अनुभव कर सकते हैं।
  3. धार्मिक कार्यों में सहायता: शनिवार के दिन, शनिदेव को समर्पित कार्यों में भाग लेना, जैसे कि चिड़ियां, मछलियों और पशुओं को खिलाना और सेवा करना, उनकी प्रसन्नता का कारण बन सकता है।
  4. धार्मिक आचरणों का पालन: शनिवार को भगवान शिव, हनुमान जी और शनि देव की पूजा करना, काले वस्त्र और काला तिल दान करना, शनिदेव की कृपा को आकर्षित कर सकता है।
  5. आध्यात्मिक उपाय: हनुमान जी और शिव जी की उपासना करना, जैसे कि पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाना, भक्त को शनिदेव की कृपा को प्राप्त करने में मदद कर सकता है।
  6. हनुमान जी ही काफी हे हनुमान जी और शनिदेव की एक कथा हे | जब रावण था तो वो बहुत बड़ा पन्डिट था | जब उसका पुत्र होने वाला था जो मेधनाथ था | तब उसको अमर बनाने के चक्कर मे , रावण ने सभी ग्रहों को धमकाया था की सभी ग्रहों को अपने अपने  घरों मे रहना हे जिससे मेघनाथ अमर हो जाता | 
    तब सभी देवी देवता घबरा गए और सबने मिलकर शनिदेव से इस समस्या का हल निकालने को कहा | तब शनिदेव ने मेधनाथ के जन्म के समय अपनी एक टाँग शुक्र ग्रह मे डाल दी |उसके बाद जब मेधनाथ का जन्म हुआ तब रावण ने देखा की शनिदेव शुक्र देव की तरफ हे | जिस वजह से मेधनाथ अमर नहीं हो पाया | तब रावण ने गुस्से मे शनिदेव को अपना बंदी बना लिया और वही टाँग तोड़ दी | जिस वजह से रावण धीरे धीरे चलने लग गए |उसके बाद हनुमान जी ने रावण से शनिदेव को छुड़ाया था | जिस वजह से शनिदेव ने हनुमान जी से कहा था की आपकी भक्ति और पूजा  करना वाला इंसान मेरी तेड़ी दृष्टि बचा रहेगा | इसलिय आप अगर बस हनुमान जी की पूजा पाठ करते रहते हे | तब आपके पाप धीरे धीरे कम होने लगते हे | और आप शनिदेव दंड से बचे रहते हे | 

शनि देव मंत्र : मंत्र जाप से भी शनिदेव को खुश कर सकते हे |

शनि बीज मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः। सामान्य मंत्र- ॐ शं शनैश्चराय नमः। शनि महामंत्र- ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥ इस मंत्र को आप रोज सुबह नहा – धोकर पूजा करते समय | 108 माला जाप करे |

शनि देव के 10 नाम : इन नामों को भी जपे 

इस मंत्र में शनि के दस नाम –
कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रान्तक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद और पिप्पलाद हैं।
इन नामों का जप रोज सुबह पूजा करते समय करना चाहिए। अगर रोज पूजा नहीं कर पा रहे हैं तो कम से कम हर शनिवार पूजा करें और इन मंत्रों का जप करें। इससे भी शनिदेव आपसे बहुत खुश रहेंगे |

औरतों को शनि देव की पूजा करनी चाहिए या नहीं : 

हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए धार्मिक कर्तव्यों का महत्वपूर्ण स्थान है। शनिदेव, जिन्हें अदृश्य शनि के रूप में भी जाना जाता है, धर्म और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं। शनिदेव की पूजा महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखती है, लेकिन इसमें कुछ नियम होते हैं जिन्हें ध्यान में रखना आवश्यक है।

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महिलाओं के लिए शनिदेव की पूजा के नियम : Shani Dev Ko Khush Kaise Kare

  1. मुर्ति को स्पर्श नहीं करना: शनिदेव की मुर्ति को महिलाओं के द्वारा स्पर्श करना वर्जित है। इसे पाठक समझें कि यह संदेश शनिदेव की महत्वपूर्णता को समझाता है।
  2. तेल न चढ़ाना: महिलाओं को शनिदेव की मुर्ति पर तेल नहीं चढ़ाना चाहिए। यह धार्मिक मान्यताओं का आदर्श है और नकारात्मक प्रभाव से बचाता है।
  3. सरसों के तेल का दीपक जलाना: महिलाएं मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनिदेव की कृपा की प्रार्थना कर सकती हैं।
  4. शनिवार के दिन चीजों का दान: महिलाएं शनिवार के दिन शनिदेव से जुड़ी चीजों का दान कर सकती हैं, जैसे कि सरसों तेल, काले वस्त्र, काले जूते, लोहे का बर्तन, काली उड़द दाल, काला तिल, आदि।
  5. मंत्रों का जाप: महिलाएं शनिदेव के मंत्रों का जाप कर सकती हैं बिना किसी प्रतिबंध के।

F & A : 

  1. क्या महिलाएं शनिदेव की पूजा कर सकती हैं?हां, महिलाएं शनिदेव की पूजा कर सकती हैं, लेकिन नियमों का पालन करना आवश्यक है।
  2. क्या महिलाओं को शनिदेव की मुर्ति को स्पर्श करने की अनुमति है?नहीं, महिलाओं को शनिदेव की मुर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
  3. शनिदेव की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री क्या है?शनिदेव की पूजा के लिए सरसों का तेल, दीपक, काले वस्त्र, आदि की आवश्यकता होती है।
  4. क्या महिलाएं शनिवार के दिन कोई विशेष व्रत रख सकती हैं?हां, महिलाएं शनिवार के दिन काले खाने का व्रत रख सकती हैं।
  5. शनिदेव की पूजा में कौन-कौन सी विधियाँ हैं?शनिदेव की पूजा में तेल न चढ़ाना, मुर्ति को स्पर्श न करना, मंत्रों का जाप, आदि विधियाँ हैं।

 

 

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