मछली के सिर में पत्थर : मच्छ मणि हे राहू का अचूक उपाय

मछली के सिर में पत्थर : मच्छ मणि के अनेक फायदे

मछली के सिर में पत्थर( मच्छ मणि )के अनेक फायदे:

राहू ग्रह के प्रभाव को कम करने के लिए, यदि आप राहू की महादशा या अंतर्दशा में हैं, तो मच्छमणि रत्न को धारण करना एक उपयुक्त विकल्प है।

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अगर आप राजनीति में सक्रिय हैं और सफलता की कड़ी मेहनत कर रहे हैं, तो मच्छमणि रत्न आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आप जीवन में आर्थिक संपन्नता और सफलता की दिशा में सोच रहे हैं, लेकिन धन की कमी के कारण सपने पूर्ण होने से पहले ही मुरझा जाते हैं, तो मच्छमणि आपकी सहायता कर सकता है।

किसी की कुंडली में कालसर्प दोष होने पर, मच्छमणि रत्न को धारण करना सुझावित है। इससे कालसर्प दोष के कारण उत्पन्न होने वाली मुसीबतों का निवारण हो सकता है।

त्वचा और पाचन से संबंधित रोगों के लिए भी मच्छमणि रत्न उपयुक्त हो सकता है। इस रत्न का धारण करना खांसी, क्षय, और किडनी से संबंधित समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है।

वास्तु दोष को निवारण के लिए भी मच्छमणि रत्न फायदेमंद हो सकता है, जो घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है। इससे घर की ऊर्जा शुद्ध हो सकती है और आपका आत्मविश्वास भी बढ़ सकता है।

मच्छमणि का धारण करना नजरदोष, शरीर में थकावट, केमुद्र्म दोष, गुरु चांडाल दोष, ऊपरी बाधा, व्यापार में बाधा आदि को दूर करने में मदद कर सकता है। इस रत्न की शक्ति से आप शत्रुओं से भी बच सकते हैं और मनोबल में वृद्धि हो सकती है।

अगर आपके घर में बच्चे या कोई अन्य व्यक्ति किसी कोने या कमरे में अनजान वस्तु या छाया का अहसास करते हैं और डरते हैं, तो मच्छमणि को साबुत नमक के पानी में भिगोकर राहू के मंत्र के साथ धारण करना उपयुक्त हो सकता है।

मच्छ मणि के प्रभाव से काला जादू बेअसर होता है, जिससे हमारी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। इसके साथ ही, इस रत्न को धारण करने से हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में भी वृद्धि होती है।

मच्छ मणि का धारण करने से स्मरण शक्ति में भी सुधार हो सकता है। यह आपको अधिक से अधिक ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्रदान कर सकता है, जिससे आप अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक हो सकते हैं।

मछली के सिर में पत्थर
मछली के सिर में पत्थर

मच्छ मणि कैसे धारण करें:मछली के सिर में पत्थर

स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की की शुरुआत करने के लिए अब इस मंच मच्छ मणि उपाय को अपनाएं और राहु ग्रह के प्रभाव से मुक्ति प्राप्त करें।

  1. कटोरी में गंगाजल: एक कटोरी लें और उसमें गंगाजल डालें। इससे पवित्रता बढ़ेगी और आपका उपाय सकारात्मक परिणाम देगा।
  2. राहु के रत्न मच्छ मणि: उसी कटोरी में राहु के रत्न मच्छ मणि रखें। इससे आपका ध्यान राहु पर बना रहेगा और उपाय का प्रभाव बढ़ेगा।
  3. मंत्र का जाप: “ॐ रां राहवे नम:” इस मंत्र का 108 बार जाप करना हे । यह आपके उपाय को शक्ति प्रदान करेगा और राहु ग्रह के प्रभाव को कम करने में मदद करेगा।
  4. मच्छ मणि में फूंक: जाप करने के बाद, मंच मच्छ मणि में धूप  और दिया को दिखा कर पहन ले । इससे आपका उपाय पूर्ण होगा और आप अनुपालन की दिशा में बढ़ सकेंगे।
  5. आपको इस रत्न को गले मे लॉकेट की तरह पहनना हे | आपको रत्न खरीदने के बाद सुनार के पास जाकर ,उसे लॉकेट मे बनवा लेना हे | और काले धागे मे पहनना हे |

मच्छ मणि किस दिन पहनना चाहिए:

मच्छ मणि को आपको शनिवार से पहके लाना हे ,और शनिवार को काले धागे मे पहनना हे | क्युकी मच्छ मणि राहू के लिय पहना जाता हे ,इसलिय इस रत्न को धारण करने का सही तरीका है इसे शनिवार के दिन पहनना। इससे न केवल राहू ग्रह की शांति होती है, बल्कि जीवन में सुख-शांति का अहसास भी होता है।
मच्छ मणि धारण करने से न केवल राहू ग्रह का प्रभाव शांत होता है, बल्कि यह भूत-प्रेत, जादू-टोना और धन संबंधित समस्याओं से भी रक्षा करता है।
यह रत्न आपके करोबार में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। शनि देव की कड़ी महादशा में, इसे पहनकर आप अपने कारोबार में वृद्धि को अनुभव कर सकते हैं।

मच्छ मणि की पहचान कैसे करें:मछली के सिर में पत्थर

मछली के सिर में पत्थर
मछली के सिर में पत्थर

मच्छ मणि, जिसे मछली की आंख के रूप में वर्णित किया जाता है, यह एक दुर्लभ  रत्न है जिसका रहस्यमय प्रभाव हमारे जीवन को परिवर्तित कर सकता है। ये रत्न देखने  मे बहुत अजीब स हे | लेकिन इसके फायदे बहुत हे |

मच्छ मणि कितने प्रकार के होते हे :

मच्छ मणि दो प्रकार के होते हे , लेकिन दोनों का एक ही काम होता हे ,एक ही फायदा होता हे , जो आपको पसंद लगे आप ले सकते हो |
मच्छ मणि एक तो सफेद रंग की होती हे और एक ब्राउन रंग की होती हे , इसलिय कन्फ्यूज़ होने की जरूरत नहीं हे | जो आपको आसानी से मिल जाए बस वो खरीद ले |

बस आपको एक बात का ध्यान देना हे की आपको मच्छ मणि बड़ा ही लेना हे , छोटा नहीं लेना हे | क्युकी ये एक तरह से उपरत्न मे ही या जाता हे , तो आप बड़ा मच्छ मणि ले ,कहने का मतलब हे की उनकी रत्ती ज्यादा होनी चाहिए कम से कम 12 रत्ती से अपर का हो , तो ही फायदा करेगा |

 

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