घड़ी : घड़ी पहनने के हे कई फ़ायदे | 24 घंटे पहने रहीये अपनी घड़ी और देखे चमत्कार |

घड़ी पहनने का महत्व : घड़ी क्यू पहने ?

घड़ी सभी लोग पहनने हे | मगर ये नहीं पता हे आपको की घड़ी  पहनने के क्या क्या फायदे हो सकते हे | पहले  जब मोबाईल नहीं होते थे | तब सभी लोग टाइम देखने के लिय हाथ मे घड़ी पहन्नते थे | क्युकी सभी लोगों के पास मोबाईल नहीं होते थे | लेकिन हा हाथ मे मोबाईल जरूर होते थे |

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अब हम यहा आए क्यू हे | ये जानने के लिय की घड़ी पहनने का महत्व क्या हे | हमे घड़ी क्यू पहन्नी चाहिए | घड़ीं पहनने के  फायदे क्या क्या हे | घड़ी का  इंसान पे क्या क्या असर होता हे | घड़ी को अगर ज्योतिष के हिसाब से देखे तो घड़ी केसे हमारे ग्रहों को एक सही दिशा दिखाती हे | इस विषय मे भी हम बात करेंगे |

घड़ी पहनने के फायदे :

घड़ी पहनने वाला  व्यक्ति अपना हर काम समय से करता हे | क्युकी समय उस व्यक्ति के हाथ मे हमेशा रहता हे क्युकी उसे पता हे की इस काम को करने मे इतना टाइम लगता हे तो वो व्यक्ति उस काम को तय  समय पे पूरा कर लेता हे | जो की एक अच्छी बात हे |
वही जो व्यक्ति घड़ी नहीं पहन्नते उनका क्या ? एक सवाल ये भी खड़ा होता हे क्या वो लोग अपना काम टाइम से नहीं करते ? ऐसा नहीं हे !

घड़ी न पहनने वालों मे परेशानी ये होती हे की काम तो वो भी अपना पूरा करते हे बस वो लोग टाइम ज्यादा लेते हे उस काम को करने मे | क्युकी वो लोग अपना काम करते करते समय देखने के लिय अपना मोबाईल उठाते हे और मोबाईल उठाते तो हे टाइम देखने के लिय मगर अगर कोई मैसेज आया हो , या कोई NOTIFICATION  आया हो ,उसके देखने के चक्कर मे पूरा मोबाईल देखना चालू कर देते हे | जिससे उनका बहुत समय बर्बाद हो जाता हे |

जबकि जिनके हाथ मे ही घड़ी बंधी हो समय देखने के लिय वो काम करते करते समय देखते रहते हे जिससे उन्हे मोबाईल देखने की जरूरत नहीं होती हे | और उनका काम तय् समय पे पूरा हो जा जाता हे |

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डिजिटल घड़ी और Analog घड़ी मे से कोंन सी घड़ी पहने :

अब बात आती हे की डिजिटल घड़ी पहने या ऐनलॉग ( कांटे वाली घड़ी ) घड़ी पहने | ज्योतिष के हिसाब से डिजिटल घड़ी से ज्यादा अच्छी ऐनलॉग घड़िया  मानी जाती हे |
डिजिटल भी अच्छी होती हे मगर डिजिटल घड़ी पहनने नुकसान ये हे की जिस भी व्यक्ति ने डिजिटल घड़ी पहनी हुई हे न वो हमेशा मोबाईल मे ही घुसा रहता हे | मतलब की दिमाग उसका हमेशा अनलाइन प्लेटफॉर्म मे लगा रहेगा | जो की अच्छी बात नहीं हे | आप हमेशा अनलाइन फ्लॅटफॉर्म पे लगे रहोगे और अपना जरूरी काम को रोककर जो अच्छी बात नहीं हे | 

ऐनलॉग घड़ी पहनने के अलग ही फायदे हे | ऐनलॉग घड़िया सजीव वस्तु मे आती हे और डिजिटल घड़िया निर्जीव वस्तु मे आती हे | तो इस हिसाब से ऐनलॉग घड़िया जब हमारे हथेलियों पे रहती हे | तो जो उसके अंदर कंपन होती हे न  ” टिक टिक टिक ” वो हमारे ग्रहों को पाज़िटिव ओरा प्रदान करनी हे | इसलिय ज्योतिष के हिसाब से ऐनलॉग वाली हाथ वाली घड़ी ही अच्छी होती हे और उसी से आपके ग्रह अच्छे कीये जा सकते हे 

घड़ी
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किस तरह की घड़ी पहनना चाहिए : वास्तु के हिसाब से —

वास्तु शास्त्र के अनुसार घड़ी का डायल: क्यों और कैसे सही तरीके से चुनें?

वास्तु के अनुसार, हर चीज़ का हमारे जीवन पर अपना असर होता है, चाहे वह हमारे घर हो या हमारे हाथों में पहनी जाने वाली घड़ी। आइए जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार हाथ में पहनने वाली घड़ी को कैसे चुना जाए।

1. घड़ी का डायल का आकार: वास्तु के अनुसार, घड़ी का डायल न तो बहुत बड़ा होना चाहिए और न ही बहुत छोटा। एक सामान्य आकार वाला डायल उचित माना जाता है। मतलब की आप जब भी घड़ी खरीदे तो ये जरूर देख ले की उस घड़ी का डायल साइज़ ज्यादा छोटा न हो | सभी लोगों की कलाई का साइज़ अलग अलग होती हे और उसी हिसाब से आपको घड़ी चुननी चाहिए | आपकी कलाई के  साइज़ के हिसाब से घड़ी की डायल साइज़ 70 – 80 % तक होना चाहिए | क्युकी  वास्तु के हिसाब से अगर आपके घड़ी के डायल साइज़ अगर छोटा होगा तो आपकी गोल या  यू  काहे आपकी  महत्वकांशा छोटी रह जाएगी | क्युकी उसका डायल साइज़ छोटा हे इसलिय |  और अगर बड़ी  डायल साइज़ की घड़ी पहनोगे तो आप फेकू किस्म के इंसान बन जयोगे , मतलब आप उस काम को कर पाओ य न कर पाओ ,उस काम की जानकारी चाहे हो ये न हो | आप उस चीज के बारे मे बढ़ चर के बात करोगे | और ये अच्छी बात नहीं हे |

इसलिय आप अपनी कलाई के हिसाब से अपनी घड़ी चुने जो आपकी कलाई को  70 – 80 % धक ले | जिसे एक मीडियम डायल की घड़ी के रूप मे कहा जाएगा | वो ही घड़ी आबसे उत्तम मानी जाएगी | अगर MM साइज़ के हिसाब से बोले तो जब आप घड़ी लोगे तो  उस घड़ी मे  डायल साइज़ लिखा होता हे जेसे 35 MM , 38 MM , 40 MM , 42MM ,45MM , 48 MM कुछ इस तरह के साइज़ की घड़िया होती हे | आपको अगर अनलाइन घड़िया मनवाना हो तो आपको 42 – 46 MM की साइज़  घड़ी मंगवानी चाहिए |

 

2. डायल का रंग: ज्योतिषियों के अनुसार, शुभ काम के लिए सोने या चांदी के रंग की  घड़ी पहनना उत्तम माना जाता है। अब इसका क्या मतलब होता हे | आपको घड़ी लेते वक्त कलर का भी ध्यान होता हे | हर कलर की घड़ी का अलग महत्व होता हे | आपको अपने जन्मकुंडली के हिसाब से आपको जो कलर सूट करता हो आपको उस तरह की घड़िया पहननी चाहिए | इससे आपके ग्रह को और आपको फायदा ही पहुचेगा |

लेकिन दो कलर ऐसे हे जो सबको सूट कर जाता हे | वो कलर गोल्डन और सिल्वर के होते हे | अगर किसी के पास जन्मकुंडली न हो तो वो इन दो कलर को चुन सकते हे | जो आपको फायदा ही पहुचाएगी | क्युकी गोल्डन कलर गुरु को और सिल्वर कलर शनि को सपोर्ट करते हे |

3. घड़ी का चेन केसा होना चाहिए : आम तोर पर जब आप घड़िया खरीदते हे तो आपको पहले तो बता दु | की आपको अपने लकी कलर के हिसाब से घड़ी लेना हे | फिर कई लोगों को प्लास्टिक या चमड़े या रबड़ की चेन पसंद आती हे | मगर आपको इन तीनों को नहीं पहनना चाहिए | आपको स्टील या गोल्ड के चेन का ही प्रयोग करना चाहिए |
जिससे आपको घड़ी पहनना का और भी ज्यादा फायदा होगा | क्युकी जेसे हम तांबे का कड़ा या लोहे का कड़ा या स्टील का कड़ा पहननते हे | और उसका फायदा उठाते हे | उसी तरह आपको भी सिर्फ स्टील और गोल्ड कलर के चेन को ही पहनना चाहिए |
घड़ी
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4. नंबर वाली घड़ी या बिना नंबर वाली घड़ी : आप जब भी घड़ी खरीदते हे तब आप आँख बंद करके बस घड़ी की खूबसूरती देख कर आप घड़ी खरीद लेते हे | जबकि आपको नहीं पता की बिना नंबर वाली घड़ी आपको नहीं पहनना चाहिए | जेसे- 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 इन सभी नंबर का हमारे जीवन मे असर पड़ता हे | इन सभी नंबर का होना हमारी घड़ियों जरूरी हे | ये सभी नंबर हमारे ग्रहों के जेसे फायदा पहुचाते हे |

घड़ियों मे अगर आपको पूरे नंबर नहीं चाहिए भी तो कम से कम 12 > 3 > 6 > 9  ये नंबर तो जरूर होने चाहिए | नहीं तो आपको इन नंबरों से संबंधित फायदा नहीं मिल पाएगा |

एक बात  और आपको  घड़ी के अंदर  के जो ये नंबर हे छोटे नहीं होने चाहिए बड़े होने चाहिए | तो ही फायदा होगा |

घड़ी
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5. घड़ी का नंबर केसा हो : अब कई लोगों के मन मे एक सवाल होगा की रोमन नंबर वाली घड़ी पहने या बिना रोमन नंबर वाली घड़ी पहने | रोमन नंबर वाली घड़ी का अलग फायदा होता हे | ऐसी घड़िया पहनने वालों को बाहर के क्लाइंट मिलते हे , मतलब अगर आप कोई व्यापार करते हो तो ऐसी घड़िया अच्छी होती हे | ये घड़िया आपको हर तरह के क्लाइंट प्रदान करती हे |
रोमन नंबर वाली घड़ी पहनने वालों को  जो दोस्त होते हे या जिनसे उनका रिश्ता होता हे | वो छोटे मोटे लोगों से नहीं होता हे | अमीर और  और उचे लोगों से इनका उठना बेठना होता हे |

6..घड़ी का मिलना शुभ या अशुभ :  अगर आपको कोई घड़ी मिल जाती हे | पहली बात तो कही पड़ी हुई  मिल जाती हे सड़क पे या कही भी तो आपको नहीं उठाना चाहिए | क्युकी वो किसी और की घड़ी हे वो आप पहनने जा रहे हो तो ये नहीं पता की उस बंदे की किस्मत केसी चल रही हे | उसका समय केसा चल रहा हे अच्छा हे या बुरा कुछ पता नहीं हे | तो अच्छा ही होगा की आप उस घड़ी को न पहने |

दूसरा अब कोई घड़ी आपको गिफ्ट करदे तो आप क्या करे | पहली बात आपको ध्यान देना हे की वो देने वाला बंदा केसा हे , मतलब उसका समय केसा चल रहा हे | वो तो आप समझ ही जयोगे उस की लाइफ स्टाइल देख कर |

तीसरा आपको वो घड़ी देखनी हे जी वो देने वाले हे | डिजिटल घड़ी हे तो आपको लेना ही नहीं हे | क्युकी इस बारे मे बात कर ही चुके हे | आपको घड़ी लेने से ही मना कर देना हे | मना इसलिय करना हे क्युकी अगर आपने उनसे घड़ी ले ली और वो घड़ी नहीं पहनी तो आपके और घड़ी देने वाले के रिश्ते बिगड़ जाएंगे | तो कोशिश करे की घड़ी न ले |

हा अगर घड़ी देने वाला अमीर हो | उसकी समय अच्छा हो | कामयाब हो तब तो आप उसकी पहनी हुई घड़ी भी उतार के मांग सकते हे | अगर वो दे सके तो | मगर मगर घड़ी देने वाली की किस्मत आपके पास आ जाएगी | मतलब वो अपनी किस्मत आपको दे रहा हे | 

वास्तु शास्त्र के अनुसार, उपयुक्त घड़ी का चयन करने से हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो हमें सफलता की ओर ले जाता है। इसलिए, विचारपूर्वक और सावधानी से घड़ी का चयन करें और सकारात्मक ऊर्जा को अपने जीवन में आमंत्रित करें।

 

 

 

 

 

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